बिहार: जातिगत जनगणना के मुद्दे पर bjp में दो फार, आर्थिक आधार पर जनगणना की मांग

बिहार: जातिगत जनगणना के मुद्दे पर bjp में दो फार, आर्थिक आधार पर जनगणना की मांग

City Muzaffarpur News

जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बीजेपी 2 सालों में बैठी दिख रही है जहां तक सीएम नीतीश कुमार ने और तेजस्वी यादव ने जातिगत आधार पर जनगणना की मांग की है वहीं बीजेपी के कुछ नेता इस मांग का समर्थन भी करते दिखे हैं।

कुछ बीजेपी नेताओं की मानें तो यह एक अच्छी नीति होगी की जनगणना आर्थिक आधार पर की जाए जिससे इस समाज में गरीब और शोषित वर्गों का चयनित किया जाए जिसमें सभी जातियों धर्म के लोग समान रूप से भागीदार हैं।

श्री नीतीश कुमार ( cm Nitish Kumar) ने 11 सदस्य टीम के साथ Pm modi से जातिगत आरक्षण कराने की मांग की है। वहीं नीतीश कुमार के इस टीम में बीजेपी के जनक राम भी शामिल है।

जातिगत जनगणना की जरूरत नहीं- हरिशंकर ठाकुर

बीजेपी के वरिष्ठ नेता श्री हरिशंकर ठाकुर का कहना है कि जातिगत जनगणना (Caste based Census) से समाज में दूरी बढ़ेगी और इससे कुछ हासिल नहीं किया जा सकता है।

अगर जनगणना (population census) को आर्थिक आधार पर किया जाए तो यह सामाजिक विषमताओं को दूर करेगा और देश भर में यह चिन्हित करना मुमकिन होगा कि कौन गरीब है और कौन अमीर।

मालूम हो कि केंद्र सरकार ( Central govt of India) के द्वारा संसद के मानसून सत्र के दौरान यह स्पष्ट कर दिया गया था कि फिलहाल केंद्र की जातिगत जनगणना कराने की कोई मंशा नहीं है. केंद्र के इस रुख के बाद 2019 और 2020 में जातिगत जनगणना के प्रस्ताव को बिहार विधानमंडल में पास करने के दौरान समर्थन देने वाली बीजेपी ने भी यू टर्न ले लिया ।

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